The Man from Zara इंडीटेक्स ग्रुप के पीछे के Genius की कहानी! Full Summary in Hindi

Introduction

वैसे अगर देखा जाए तो फैशन कहाँ नहीं है? हमारे कपड़े, हमारा स्टाइल, हम जो एक्ससेसरीज़ अपने लिए चुनते हैं, हर चीज़ में एक फैशन है. इंडीटेक्स ग्रुप एक कंपनी है जो फैशन build करती है जिसे लोग काफी पसंद करते है. इंडीटेक्स ग्रुप की अचीमेंट्स में से ज़ारा एक कामयाब फैशन ब्रैंड है. 

ये समरी आपको इस कंपनी और उस आदमी से परिचय कराएगी जो  इंडीटेक्स ग्रुप के संस्थापक हैं, जी हाँ! हम बात कर रहे है स्पेनिश  billionaire Amancio Ortega की, जिन्होंने बेहद हम्बल तरीके से अपने करियर की शुरुवात की थी. 

कोवादोंगा ओशे  की इस बुक में आपको ज़ारा के फाउन्डर की लाइफ से जुडी ऐसी बातें मालूम पड़ेंगी जिनके बारे में बहुत ही कम लोग जानते है. साथ ही अपनी बुक के ज़रिए  कोवादोंगा  उस कंपनी से भी हमारा परिचय कराएगी जो आज की तारिख में दुनिया का नंबर वन clothes रीटेलर ब्रैंड बन चुका  है. 

My Meeting With Amancio Ortega

 मैं अमान्सियो ओर्टेगा से कोई पन्द्रह साल पहले मिली थी. उन दिनों  मैं Telva , जोकि एक लीडिंग स्पेनिश  मैगज़ीन है, वहां बतौर डायरेक्टर की हैसियत से जॉब कर रही थी. तब ज़ारा आज की तरह एक कामयाब ब्रैंड नहीं  बना था. उन दिनों ये अपने शुरुवाती दौर में ही था, और धीरे-धीरे अपनी पहचान बना रहा था. 


1 दिसम्बर,1990 की बात है.  मैं  बाय एयर  मैड्रिड से  La Coruna जा रही थी. मेरे साथ  मैगज़ीन की चीफ फैशन एडिटर मोंट्से  क्यूस्टा भी जा  रही थी. दरअसल हम इंडीटेक्स के बारे में information हासिल करने जा रहे थे जिसके बारे में हम अपनी मैगज़ीन  में एक रिपोर्ट पब्लिश करना चाहते थे और ये वही कंपनी थी जो उन दिनों आग की तरह हर जगह फ़ैलती जा रही थी. ज़ारा भी इसी कंपनी का  ब्रैंड  था. 


हम कंपनी के फाउन्डर से मुलाक़ात करने वाले थे जिनके बारे में बहुत ही कम लोग जानते थे, एक तरह से कहे तो हम एक गुमनाम हस्ती से मिलने जा रहे थे. मुझे याद है एक बार मेरे एक दोस्त ने कहा था” ऐसा भी हो सकता है कि कभी कोई आदमी ये कहे  कि वो  Amancio Ortega को जानता है, बगैर ये रिएलाईज़ किये कि उसके बगल में बैठा जो आदमी कॉफ़ी पी रहा है, वही असल में  Amancio Ortega  है”. 


तो ऐसी किसी हस्ती से मिलना हमारे लिए बड़े सम्मान  की बात थी जो कभी किसी को इंटरव्यू  नहीं देते थे  और ना ही आज तक कभी मिडिया के सामने आए थे. खैर, प्रोग्राम काफी आसान था, हम प्लान्ट जायेंगे, वहां का ज़ायज़ा लेंगे, चेयरमैन के साथ लंच करेंगे और फ्लाईट से वापस मेड्रिड लौट आएंगे. 


एयरपोर्ट के वेटिंग रूम से एक ड्राईवर हमे पिक करने आया. प्लांट पहुँचने के बाद हमने अलग-अलग सेक्शन देखा. हमने देखा कि वहां ज्यादा लोग  नहीं  थे, ज्यादातर काम मशीनों से होता था. 


एक खुशमिज़ाज़ आदमी मुस्कुराते हुए हमारी तरफ देख रहा था,  मैं  आगे बढ़ी, उसे अपना इंट्रोडक्शन देते हुए बताया कि हम जर्नलिस्ट है और मेड्रिड से आये है. हमने ये भी बताया कि मिस्टर ओर्टेगा ने खुद हमे फैक्ट्री आने के लिए इनवाईट किया है और हम ख़ासतौर पर उनसे ही मिलने आये है. लेकिन जब उस आदमी ने कहा कि वो ही मिस्टर ओर्टेगा है तो हम बड़े हैरान हुए! 


और उन्होंने हमे ऑफर दिया कि वो खुद हमे पूरी फैक्ट्री दिखाएँगे. ये हमारे लिए बड़ी हैरानी की बात थी क्योंकि इंडीटेक्स के फाउंडर होकर वो खुद हमे अपना प्लांट दिखाने ले जा रहे थे!  


कुछ देर तक प्लांट में घूमने के बाद जब मैंने उनसे एक फोटोग्राफ की रीक्वेस्ट की तो उन्होंने फौरन मना कर दिया. तब मैंने उन्हें कहा कि मुझे  मैगज़ीन के लिए पिक्चर  नहीं  चाहिए बल्कि उनके साथ हुई इस मुलाक़ात को सहेजने के तौर पर चाहिए.


लेकिन वो नहीं माने, उन्हें अपनी प्राइवेसी का बड़ा ख्याल था. वो किसी भी कीमत पर मिडिया के सामने नहीं आना चाहते थे. 


प्लांट के डिफरेंट सेक्शन्स में घूमने के दौरान मैंने एक बात नोटिस की, मिस्टर अमान्सियो  अपने हर वर्कर का नाम जानते थे  और सबके साथ काफी फ्रेंडली तरीके से बात कर रहे थे. टूर खत्म होने के बाद वो हमे पास ही के एक रेस्टोरेंट Gallo de Oro में ले गए  क्योंकि तब तक कंपनी के main ऑफिस का रेस्टोरेंट  नहीं  खुला था.  


अमान्सियो अपने मेहमानों को इसी रेस्टोरेंट में लाते थे. मेन्यू पर एक नज़र डालने से पहले एक बार फिर से उन्होंने मुझे फोटोग्राफ़ ना देने के लिए माफ़ी मांगी. लंच के दौरान  मैं  उनकी कंपनी को लेकर कुछ ना कुछ कमेन्ट देती रही और कंपनी को लेकर अपनी ओपनियन भी शेयर की. 


हालाँकि  मैं  उनकी मेहमान थी इसलिए थोडा झिझक रही थी पर उनकी पोलाईटनेस और हौसला अफज़ाई की वजह से हमने उन्हें ये भी बता दिया था कि हमे कंपनी में क्या अच्छा लगा और क्या  नहीं. मैंने उन्हें कहा कि मुझे निटवेयर पंसद  नहीं  आये और फूटवेयर का material  काफी हार्ड लगा. हालाँकि वो इन बातों को कहीं लिखकर नोट  नहीं  कर रहे थे पर मैंने देखा कि उनकी याददाश्त बड़ी तेज़ है. 


क्योंकि अगली बार जब मैं उनसे मिली तो मैंने ज़ारा के शूज़ ही पहने थे. मैंने ये जूते इसलिए नहीं पहने थे कि  मैं  उनसे मिलने जा रही हूँ बल्कि इसलिए क्योंकि ये इतने कम्फर्टेबल थे कि पूरी सर्दियों में  मैं  यही जूते पहनती रही. मैंने उन्हें अपने शूज़ दिखाए तो उन्होंने कहा कि उन्हें मेरा पहले का नेगेटिव कमेन्ट याद रहा था  और उन्होंने ये भी कहा कि वो और उनकी टीम काफी खुश है कि कस्टमर्स को उनके प्रोडक्ट्स पसंद आ रहे है. 

 

First Steps in a Story

अमान्सियो खुद उतने बड़े फूडी  नहीं  थे पर हाँ खिलाने के बड़े शौकीन थे. उन्होंने मुझे कहा कि उन्हें फ्राइड एग, चिप्स और chorizo sausage खाना बड़ा पंसद है. अमान्सियो , मैं  और हमारे  मैगज़ीन के उन दिनों की सीईओ जोस मरिया, बड़ी देर तक बातों में मशगूल रहे. 


उन्होंने मुझे अपने बारे में सब कुछ बताया, अपने बैकग्राउंड के बारे में, इंडीटेक्स और ज़ारा के बारे में भी. अमान्सियो   लीओन के एक गाँव में पैदा हुए थे जहाँ की पोपुलेशन सिर्फ 1300 थी. 


 अमान्सियो जब सिर्फ तीन साल के थे तो उनकी फेमिली टोलोसा शिफ्ट हो गई. अमान्सियो के फादर की अर्निंग 2 यूरो से भी कम थी. अक्सर ओर्टेगा अपनी माँ के साथ ग्रोसर के पास जाया करते थे. जब वो सिर्फ 12 साल के थे तो एक बार उन्होंने दुकानदार  को कहते  हुए सुना कि वो उनकी माँ को और उधार  नहीं  दे सकता और उसी वक्त ओर्टेगा को  एहसास हुआ कि उनकी फेमिली की फाईनेंशीयल कंडीशन काफी खराब है इसलिए उन्होंने उसी वक्त मन बना लिया  कि वो भी पैसे कमाएंगे और अपनी फेमिली का हाथ बंटाएंगे. 


ओर्टेगा ने पढ़ाई छोड़ दी और एक शर्ट बनाने वाली शॉप में सेल्स असिस्टेंट की जॉब करने लगे. कुछ टाइम बाद जब वो थोड़े  बड़े हुए तो उन्होंने एक दूसरे  क्लोथिंग स्टोर ला माज़ा में जॉब की.  


एक बार, ओर्टेगा एक अमीर कस्टमर की बेटी के साथ घूम रहे थे तो उस लड़की की माँ शॉप में आई और बॉस को पूछा कि उसका बेटा  अमान्सियो   कहाँ है. तो बॉस ने कहा कि  अमान्सियो   उसका बेटा नहीं है बल्कि  यहाँ काम करता है. इस बात से वो औरत बड़ी नाराज़ हुई. 


उसे ये बिल्कुल अच्छा  नहीं  लगा कि उसकी बेटी एक शॉप असिस्टेंट से दोस्ती करे. इस बात ने ओर्टेगा को काफी दुःख पहुंचाई थी  और उन्होंने डिसाइड कर लिया कि आज के बाद वो कभी किसी के दुःख का कारण नहीं बनेंगे. 


ओर्टेगा ने खुद अपनी लाइफ में बड़ी गरीबी झेली थी जिसकी वजह से उन्हें बेहद कड़वे अनुभव हुए थे. यही वजह थी कि वो कभी किसी को सिर्फ उसके बैकग्राउंड की वजह से कम  नहीं  समझते थे. ला माज़ा में काम करते हुए,  अमान्सियो    मैनेजर बने और उनकी जॉब जिस लड़की रोज़ालिया को मिली, दो साल बाद  उनकी शादी हो गई. 


जॉब के चक्कर में  अमान्सियो   अपनी पढ़ाई पूरी  नहीं  कर पाए. फाईनली उन्होंने अपने भाई एंटोनियो के साथ मिलकर GOA सेट किया. अमान्सियो   और एंटोनियो की बीवियां  दोनों भाइयों को ड्रेसिंग गाउन सिलने में हेल्प किया करती थी.  


अमान्सियो   और उनके भाई  ने जितना कमाया उसमे से ऑलमोस्ट सारा बिजनेस में ही वापस इन्वेस्ट कर दिया  और दस साल बाद उनके पास 500 लोगों  का स्टाफ हो गया था. 1975 में पहली ज़ारा शॉप लॉन्च  की गई, और उसके बाद तो जैसे कंपनी दिन दुगनी और रात चौगुनी तरक्की करती चली गई. 


Zara: A New Fashion Culture Takes its Place in the 21st Century
Ortega Always Pursued Excellence


एक बार एक बिजनेस एक्सपर्ट ऑफिस में आया और बोला” ये काफी बड़ी और इनोवेटिव टेक्सटाईल डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी है और इसी वजह से कंपनी का नाम इंडीटेक्स रख लिया गया. तब कौन जानता था कि आगे चलकर इंडीटेक्स दुनिया की आंठवी सबसे बड़ी और सक्सेसफुल कंपनी बनने वाली है.


ज़ारा के  मैनेजर जोस मरिया कैस्टेलीनो (José Mariá Castellano) ने 1974 में कंपनी ज्वाइन की थी. उस वक्त तक ज़ारा क्रिएट  नहीं  हुआ था. ओर्टेगा चाहते थे कि जोस उनके साथ काम करते रहे लेकिन तब वो इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर हुआ करते थे. इसलिए जोस ने ओर्टेगा का ऑफर एक्सेप्ट  नहीं  किया पर 1984 में वो एक बार फिर से कंपनी के साथ जुड़ गए. 


तब से लेकर आज तक ओर्टेगा और उनके लिए और उनके एम्प्लोईज़ के लिए भी कंपनी सबसे पहले आती है. कंपनी से जुडी कई और भी इंट्रेस्टिंग स्टोरीज़ सुनने को मिलती है. मुझे भी ओर्टेगा से कई सारी बातें जानने को मिली और मुझे उन्क्स नजरिया  भी समझ में आया. 


मैंने उनसे स्टॉक एक्सचेंज के बारे में पूछा तो उन्होंने कुछ और ही जवाब दिया. असल में ओर्टेगा कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में डालना  नहीं  चाहते थे. वो इसलिए क्योंकि वो कंपनी से बाहर किसी और के ओपीनियन नहीं लेना चाहते थे. 


ओर्टेगा उन लोगों  में से है जो अपने बिजेनस की पूरी समझ रखते है लेकिन अगर उनकी कंपनी में कई सारे शेयरहोल्डर्स होंगे तो उन्हें सभी का राय-मशवरा लेना पड़ेगा और ओर्टेगा को ये बात पसंद  नहीं  है क्योंकि वो एक ग्रेट बिजनेस  मैन  है इसलिए वो अपनी ऑर्गेनाईजेशन को हमेशा बेस्ट देखना चाहते है. ओर्टेगा उन  लोगों  में है जो एक शॉप असिस्टेंट की मेंटलिटी रखते है.  


लोगों  को लेकर वो काफी सेंसिटिव नैचर के है. शॉप ओनर और शॉप अस्सिस्टेंट में काफी फर्क होता है. शॉप ओनर सिर्फ उन्ही चीजों को डिसप्ले में रखेगा जो उसे पंसद होंगी जबकि शॉप असिस्टेंट की पसंद-नापंसद कोई मायने नहीं रखती क्योंकि उसका काम सिर्फ सेल करना होता है. तो ये चीज़ ऐसे इन्सान के लिए काफी हेल्पफुल रहेगी जो कंपनी का ओनर है क्योंकि वो वही चीज़ बेचेगा जो कस्टमर्स को पसंद होंगी. 


इंडीविजुअल पसंद  का यहाँ कोई रोल  नहीं  है. Amancio Ortega ने इसी तरीके से इतना बड़ा बिजनेस एम्पायर खड़ा किया है. एक शॉप असिस्टेंट के तौर पर उन्होंने जो कुछ एक्स्पिरीएंस किया, जो कुछ सीखा, उससे उन्हें कस्टमर्स की पसंद-नापसंद जानने में बड़ी मदद  मिली क्योकि वो हमेशा कस्टमर्स की पसंद को पहले रखते है इसीलिए तो उनके प्रोडक्ट्स हाथो-हाथ बिक जाते है. 


Inditex - International Expansion
The Customer is King


इंडीटेक्स स्पेन से शुरू हुई थी और जल्दी ही पेरिस तक फ़ैल गई.  अमान्सियो   का योरोपियन ड्रीम धीरे-धीरे पूरा हो रहा था. 1989 में इंडीटेक्स न्यू यॉर्क में लॉन्च की गई. अमेंसीयो जब  मैनहेटेन पहुंचे तो उन्हें अपनी आँखों पर यकीन  नहीं  हुआ . 


उनके स्टोर में भीड़ लगी हुई थी जहाँ हर उम्र के कस्टमर आये हुए थे. ओर्टेगा के लिए ये बेहद ईमोश्नल पल थे. अपने आंसू छुपाने की खातिर वो बाथरूम में बंद हो गए कि कहीं कोई उन्हें रोता हुआ ना देख ले. लेकिन आने वाले सालों  में ये भी मुमकिन  नहीं  रहा. इंडीटेक्स ने दुनिया के कई और देशो में कई स्टोर खोले और ओर्टेगा के लिए पॉसिबल  नहीं  था कि वो इन सारे स्टोर्स की ओपनिंग में मौजूद  होते. 


करंटली इंडीटेक्स का इंटरनेशनल एक्सपेंशन एशिया में फोकस कर रहा है.  अमान्सियो   नए-नए खुले स्टोर्स की ओपनिंग अटेंड नहीं कर पाते पर हाँ वो अपने  मैनेजर्स से पूछते रहते है कि क्या सेल होता है और क्या नहीं और लास्ट में कंपनी अपनी एडवरटीज़मेंट भी  नहीं  करती. 


ऐसा कोई कमर्शियल चैनल  नहीं  है जो ज़ारा या इंडीटेक्स को प्रोमोट करे. बल्कि कंपनी अपनी एफिशिएन्ट सर्विसेज़ से कस्टमर्स की लॉयल्टी  गेन करती है. जब तक  लोगों  को प्रोडक्ट पसंद आते है और कंपनी के मैनेजर और शॉप असिस्टेंट कस्टमर्स को खुश रखते है, कंपनी को किसी एडवरटीज़मेंट की जरूरत  नहीं  है क्योंकि वफ़ादार  कस्टमर्स खुद ही दूसरों को प्रोडक्ट्स रेकमडं करते है और उन्हें बताते है कि वो कंपनी की सर्विस से कितने खुश है.


 मैंने एक बात नोटिस की है, ज़ारा की शॉप दुनिया के चाहे किसी भी कोने में हो, कभी खाली  नहीं  रहती. कई सारे असिस्टेंट दावा करते है कि ओर्टेगा बहुत बार स्टोर में छूपकर आते है. वो ये देखने  नहीं  आते कि काम कैसा चल रहा है बल्कि अपने स्टाफ को एनकरेज़ करने आते है. वो टिपिकल बॉस नहीं है जो स्टाफ को सिर्फ ऑर्डर देते है. बल्कि वो अपने स्टाफ के हर मेंबर से पर्सनली बात करते है और उनसे बड़े प्यार से पेश आते है. 


ओर्टेगा की सेकंड वाइफ फ्लोरी का भी यही एटेट्यूड है. कई बार तो वो सिर्फ स्टाफ से हैल्लो बोलने स्टोर में आती है. कंपनी ने सिक्स फंडामेंटल सेट किये है जो स्टाफ को कस्टमर्स से इंटरएक्ट करते वक्त फॉलो  करने होते है, ओर्टेगा भी उन्हें यही सिखाते है. 


ये रूल्स है: 

  1. हमेशा चेहरे पर अच्छे एक्सप्रेशन रखो ताकि लोग स्टोर  मैनेजर्स और शॉप असिस्टेंट से बात करने में कम्फर्टेबल फील करे और उनसे  अपनी पसंद-नापसंद शेयर कर सके. 
  2.  कैश डेस्क पर हमेशा मुस्कुराते हुए रहे. एक स्वीट और सिंपल स्माइल ही काफी है ताकि लोग दोबारा  स्टोर में आना पसंद करे.
  3. हमेशा अपने पास पेन रखे क्योंकि पेन एक ऐसी बेसिक चीज़ है जो हर स्टोर एम्प्लोई के पास होनी चाहिए. 
  4. मैनेजर को कस्टमर को  अटेंड करना  चाहिए.  मैनेजर जब कस्टमर्स को खुद अटेंड करते है, तो उन्हें अपनी इम्पोर्टेंस फील होती है और एहसास होता है कि उनकी बातों पर ध्यान दिया जा रहा है. 
  5. challenging रूम  सेल का इम्पोर्टेंट पॉइंट होता है. जहां भी ज़्यादा भीड़ होगी, वहाँ सेल भी बढ़ेगी. 
  6. पेशन्स- पेशन्स ही वो की है जिससे एम्प्लोई को कंपनी में लम्बे टाइम तक बने रहने में हेल्प मिलती है. 


ज़ारा की बेतहाशा बढती सक्सेस के बाद ज़ारा होम लॉन्च हुआ जिसका सारा फोकस होम टेक्स्टाईल पर है और आज कंपनी के अलग-अलग 48 कंट्रीज़ में 408 स्टोर खुल चुके है. 


An Ethical Project Made to Measure How Amancio Sees his Company and his Life


2007 में पेरू में बड़े जोर का भूकंप आया था. पीड़ितों  की मदद के लिए इंडीटेक्स ने कई मिलियन डॉलर डोनेट किये और ये न्यूज़ काफी पोपुलर भी हुई थी जिसकी वजह से कई और कंपनीज़ भी मदद के लिए आगे आई. ओर्टेगा अपने समाजसेवी स्वभाव के लिए फेमस है और चैरिटी के कामों में बढचढ कर हिस्सा लेते है. दरअसल  अमान्सियो   ऐसे इन्सान है जिन्हें हर कोई ईज्जत देता है. 


चाहे उनकी कंपनी का  मैनेजर हो या एक मामूली कपड़े प्रेस करने वाला, हर कोई उनसे प्यार करता है, उन्हें अपना समझता है. कंपनी को लेकर एम्प्लोईज़ के अलग-अलग राय  हो सकते है पर ओर्टेगा के लिए सबकी एक ही राय है. उनके एम्प्लोईज़ उन्हें बेहद प्यार करते है. क्योंकि वो अपनी कंपनी के छोटे-बड़े हर इन्सान को रीस्पेक्ट देते है इसलिए हर कोई उन्हें अपना समझता है.


मई, 2008, में मुझे एक बार फिर  अमान्सियो   के साथ लंच करने का मौका मिला. उन्हें अचानक कुछ काम आ गया तो वो दस मिनट लेट हो गए थे. लेकिन सिर्फ दस मिनट के लिए वो मुझसे बार-बार माफ़ी मांगते रहे. उन्होंने बताया कि वो हमेशा पंक्चुअल रहते है और ये चीज़ उन्होंने अपने पिता  से सीखी थी.


उन्हें लेट आना या  लोगों  को वेट कराना पसंद  नहीं  है. वो उन  लोगों  में से है जो अपने टाइम की तो वैल्यू करते ही है साथ ही दूसरो के टाइम को भी वैल्यू देते है. 


दरअसल ये मीटिंग उनकी बुक को लेकर थी. लेकिन वो मुझे बार-बार यही यकीन दिलाने की कोशिश कर रहे थे कि कंपनी में और भी इम्पोर्टेंट लोग है जो एक डिफरेंट और बैटर आउटलुक दे सकते है. उनके कहने का मतलब था कि इंडीटेक्स में काम करने वाले हर एम्प्लोई का कंपनी की तरक्की में बेहद इम्पोर्टेंट रोल है. 


वो ये भी कहते है कि अगर उनके एम्प्लोईज़ उनके साथ  नहीं  होते तो वो शायद इतना बड़ा बिजनेस ग्रुप खड़ा  नहीं  कर पाते. लेकिन मैं बार-बार उन्हें कन्विंस करती रही कि उन्हें अपनी पहचान दुनिया के सामने लानी चाहिए, आखिर  लोगों  को भी तो पता चले कि इंडीटेक्स जैसी सक्सेसफुल कंपनी जिससे इतने लोग इंस्पायर है, आखिर उसके पीछे किसकी मेहनत है. 


इस मीटिंग के दौरान मैंने अपना एक एक्सपीरिएंस उनके साथ शेयर किया. मैंने उनसे कहा ”मुझे याद है एक बार  मैं  ज़ारा के स्टोर में एक वूलन जैकेट देख रही थी जो मुझे पसंद आई थी. पर उस वक्त मौसम गर्म था इसलिए मैंने सोचा सितम्बर तक वेट कर लेती हूँ. पर जब सितम्बर आया तो मुझे वो जैकेट कहीं  नहीं  मिली.


फिर कुछ टाइम बाद जब  मैं  मेक्सिको गई तो मुझे वहां स्टोर में वही सेम जैकेट नज़र आई. पर जब  मैं  रेट पता करने गई तो स्टोर  मैनेजर ने बताया कि वो लास्ट पीस था जो कुछ हफ्ते पहले बिक चुका था.”   

  

मेरी बात सुनकर  अमान्सियो   हंसे और बोले” उनकी कंपनी की स्ट्रेटेज़ी का एक फंडामेंटल पार्ट है कि हम कोई प्रोडक्ट रीपीट  नहीं  करते. अगर किसी को ज़ारा का कोई प्रोडक्ट पसंद आ रहा है तो बैटर होगा कि वो उसी वक्त वो प्रोडक्ट उस स्टोर से खरीद ले क्योंकि हो सकता है कि बाद में सेम प्रोडक्ट दोबारा  ना मिले क्योंकि हम सेम प्रोडक्ट कभी रीपीट  नहीं  करते”. 


The Driving Force! There’s Good and Bad in Everybody

ओर्टेगा एक बिलीवर है. एक बार मेरी उनसे तब मुलाक़ात हुई जब वो सेंटीयागो से सफ़र  करके लौटे थे.  अमान्सियो को   बचपन से ही ऐसी परवरिश मिली थी कि भगवान पर उनकी पूरी आस्था थी. कुछ साल पहले की बात है. वो US में थे जहाँ उनका ऑपरेशन होना था और तब उन्होंने खुद से वादा किया था कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो वो पिलग्रीमेज़ पर जायेंगे.


एक बार उन्हें ट्यूमर भी हुआ था जो उन्होंने रीमूव करवाया था और खुशकिस्मती से किमोथेरेपी के बगैर ही वो ठीक हो गए थे. इन एक्सपीरिएंसेज़ के बाद भगवान पर उनका भरोसा और भी मजबूत हो गया था.  


अमान्सियो   के साथ मुझे कंपनी के एक और इम्पोर्टेंट शख्स  से मिलने का मौका  मिला था, पाब्लो इस्ला, इंडीटेक्स के प्रेजिडेंट जिन्होंने कंपनी ज्वाइन करते ही  अमान्सियो   को कह  दिया था कि वो वेयरहाउस के ज्यादा क्लोज़ रहेंगे. 


तभी  अमान्सियो समझ गए थे कि पाब्लो एक ऐसे इन्सान है जो मेहनत करने से डरते  नहीं  है,  इसीलिए पाब्लो को प्रेजिडेंट की पोस्ट के लिए एकदम राईट कैंडीडेट समझा गया.  अमान्सियो   पाब्लो को काफी पसंद करते है लेकिन सिर्फ वही अकेले  नहीं  है जिसे अमेसियो पसंद करते है बल्कि  अमान्सियो   अपनी कंपनी में काम करने वाले हर एक इन्सान को पसंद करते है. 


उन्होंने मुझे बताया कि एक बार वेयरहाउस  मैनेजर लुई को हार्ट अटैक आ गया था, उन्हें तुरंत होस्पिटल ले जाया गया. जब वो एम्बुलेंस में थे तो उन्होंने फोन माँगा ताकि वो अपने नीचे काम करने वाले आदमी  को अपनी रीस्पोंसेबिलिटीज़ दे सके. ये dedication और डिटरमिनेशन जो  अमान्सियो   ने अपनी कंपनी के एम्प्लोईज़ में देखी है, यही वजह है कि वो सारा क्रेडिट अपने एम्प्लोईज़ को देते है. 


जून 2008 में एक बार फिर से मुझे  अमान्सियो   के साथ मिलने का मौका मिला, हम ब्रेकफ़ास्ट पर मिले थे. मैंने उनसे उनके सोने के  रूटीन के बारे में पूछा क्योंकि  मैं  ये सोचकर हैरान थी कि वो अपने बिजी शेड्यूल के चलते ज्यादा सो  नहीं  पाते होंगे, बावजूद इसके वो सारा दिन एक्टिव कैसे रह लेते है. 


मैं  तब हैरान रह गई जब उन्होंने  बताया कि वो आठ घंटो की पूरी नींद लेते है ताकि पूरे दिन चुस्त-दुरुस्त रह सके और अपने सारे निपटा सके क्योंकि वो एक workaholic है जो अपनी कंपनी को हमेशा आगे बढाना चाहते है. 

 

Uterque इंडीटेक्स की लेटेस्ट चेन है.  मैंने जब उनसे पूछा कि इस नाम के पीछे क्या कहानी है तो उन्होंने बताया कि एक बार उन्होंने एक बोट देखी थी, जिस पर सिर्फ तीन लैटर लिखे थे. उसी वक्त उन्होंने उन लैटर्स को रजिस्टर करने का फैसला कर लिया लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि ये लैटर्स पहले से ही किसी और ने रजिस्टर कर रखे है. तब अंटोनियो के दिमाग में ये नाम आया जो  अमान्सियो   को भी पसंद आ गया. 


 मैं  हैरान हो गई कि इतनी बड़ी कंपनी के फाउंडर होकर भी वो ऐसी छोटी-छोटी बातों का कितना ख्याल रखते है कि कंपनी चेन का नाम क्या रखा जाए. वो हर छोटी-बड़ी चीज़ को सिरियसली लेते है और जो भी करते है, पूरे ध्यान से और पूरी मेहनत के साथ करते है.


अमान्सियो मानते है कि इंडस्ट्री में हर किसी को सोर्स ऑफ़ इंस्पिरेशन के लिए सड़क पर चलते हुए आदमी को देखना चाहिए क्योंकि लोगों  को देखकर ही आपके अंदर क्रिएटिविटी आती है जो आपको नए-नए डिजाईन के आईडिया देती है. 

वो कहते है कि अगर आप कुछ ग्रेट डिज़ाइनर्स को कुछ दिनों के लिए एक रूम में बंद कर दो तो उनके  इनोवेटिव आईडियाज़ खत्म हो जायेंगे क्योंकि असली इंस्पिरेशन तो सड़क पर चलते हुए  लोगों  के फैशन से ही मिल सकती है. 


क्योंकि वो बेहद प्राइवेट पर्सन है, मुझे ये पता चला कि बहुत से ऐसे रिपोर्टर  भी है जो उनके बारे में अलग राय  रखते है.  मैंने जब उनसे पूछा कि क्या उन्हें इस बात से कोई फर्क पड़ता है तो उन्होंने कहा” नहीं”. 


उनका कहना था कि उन्होंने वही किया है जो ज्यादातर सक्सेसफुल बिजनेसमैन कर चुके है और जो चीज़ उनमे अलग  है वो ये कि वो औरों की तरह पार्टी और शो ऑफ  नहीं  करते और ना ही उन्होंने बड़े-बड़े प्राइज़ जीते है. उन्होंने बताया कि उनके लिए ख़ुशी  की डेफिनेशन अलग है और उन्हें कोई फर्क  नहीं  पड़ता कि लोग उनके बारे में क्या सोचते है. 


Inditex - The Present and the Future

अमान्सियो   के साथ मैंने हाल ही में जितनी भी मुलाकाते की, ज्यादातर उन सबमे पाब्लो इस्ला साथ थे. उन्होंने ही मुझे फाउन्डर और प्रेजिडेंट के साथ लंच ऑर्गेनाईज करने में हेल्प की. 


लेकिन उनमे एक और टेलेंट भी है कि वो दुनिया की  कोई भी प्रॉब्लम  सोल्व कर सकते है. ओर्टेगा को किसी भी चीज़ की जरूरत पड़े तो वो सबसे पहले पाब्लो को ही याद करते है. जैसा कि  अमान्सियो   ने पहले भी मुझे बताया था” पाब्लो किसी भी काम से पीछे  नहीं  हटते”. 


मैंने एक बार एक ड्राईवर से पूछा था” क्या तुम पाब्लो को जानते हो”? बदले में उसने जो जवाब  दिया,  मैं  सुनकर हैरान रह गई. उसने कहा कि मिस्टर ओर्टेगा को बेस्ट प्रेजिडेंट मिला है जो जिसके साथ भी काम करता है, उसका दिल जीत लेता है. उसने ये भी बताया कि पाब्लो हमेशा अपने साथ काम करने वालो का ध्यान रखता है, उनके परिवार के  लोगों  का हालचाल पूछता है और बड़े ही प्यार से बात करता है. 


इस बात से खुद मुझे प्रेजिडेंट की याद आ गई . एक बार उन दोनों के साथ बातचीत के दौरान मैंने पाब्लो से कहा था” बड़ी अजीब बात है कि इंडीटेक्स जैसी कंपनी में भी सारे टॉप पोजीशन  में सिर्फ आदमी है.”  


इस पर पाब्लो ने जो जवाब दिया, उसने मुझे हैरान तो किया है साथ ही आश्वासन भी दिया. पाब्लो ने कहा कि इस बात का जवाब इस बात पर डिपेंड करता है कि मेरी नज़र में टॉप  मैनेजमेंट पोजीशन क्या है. उन्होंने  ये भी कहा कि इंडीटेक्स के ज्यादातर स्टोर्स में स्टोर  मैनेजर औरते ही है और कंपनी के स्टाफ में 80% औरतें  है. 


हमारी लास्ट बातचीत जब हुई तो मुझे ये भी पता चला कि कंपनी इंडीटेक्स को अब एशियन कंट्रीज़, मिडल ईस्ट, रशिया में भी फैलाना चाहती है. तब मैंने  अमान्सियो   से पूछा” तो इसका मतलब अब कंपनी यूरोप  में अपना एक्सपेंशन साइड लाइन करने जा रही है”? 


तो वो बोले” कंपनी वही करेगी जो पाब्लो डिसाइड करेगा और मूझे इसमें कोई प्रॉब्लम   नहीं  है”. 

 मैं  समझ सकती हूँ कि वो ऐसा क्यों कह रहे है, क्योंकि अमान्सियो  के पास ऐसे लोग है जो उनके लिए लॉयल है और जिन पर वो आँख मूँदकर भरोसा कर सकते है.


और फाईनली मीटिंग के खत्म होने पर मुझे एक बार फिर वो शब्द सुनने को मिले जो अक्सर मैंने प्रेजिडेंट को कहते सुना था ” ये कंपनी बेमिसाल है”. 


Conclusion

तो इस समरी ने आपको ऐसे सीक्रेट्स बताए जिनके बारे में फैशन की दुनिया में कोई  नहीं  जानता! जिन्होंने  ज़ारा  बनाया है,  अमान्सियो   ओर्टेगा,  वो काफी प्राइवेट लाइफ जीते रहे हैं लेकिन इसके बावजूद  कोवादोंगा   ओशे  ने किसी तरह इस  billionaire  प्रेजिडेंट का इंटरव्यू लेते हुए उनसे दुनिया के  आंठ्वे नंबर की सबसे बड़ी कंपनी की सक्सेस  का राज़ जान ही लिया था! 


इसमें आपने  अमान्सियो   ओर्टेगा के बारे में, उनके हम्बल नैचर के बारे में जाना. साथ ही आपको ये भी पता चला कि कैसे उनकी लाइफस्टाइल और उनकी सोच ने ज़ारा को सक्सेस की इन उंचाइयो पर पहुंचाया है ! इसमें आपने इंडीटेक्स ग्रुप के बारे में भी जाना , जोकि आज दुनिया का सबसे बड़ा फैंशन हाउस बन चुका  है.


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